एक दरख्त|दरख्त|अमि'अज़ीम'|गज़ल|amitesh jain|ajim|darkht|ami'ajim'|ek darkht

एक दरख्त, ये ब्लोग है मेरी गज़लो का जिसके जरीये मैं आप तक अपनी गज़ले पहुचाना चाहता हुँ, उम्मीद करता हुँ, आप सभी इसे पसंद करेगें................

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Monday, July 02, 2012

तू जो कंधा मुझे देता.............


Posted by Unknown at 10:46:00 AM 9 comments:
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Labels: अज़ीम, कंधा, फ़साने, भिगो
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