एक दरख्त, ये ब्लोग है मेरी गज़लो का जिसके जरीये मैं आप तक अपनी गज़ले पहुचाना चाहता हुँ, उम्मीद करता हुँ, आप सभी इसे पसंद करेगें................
बहुत खूब... वाह
प्रेम की अभिव्यक्त्ति इससे सुन्दर हो नहीं सकती..बहुत खूब अमितेष भाई
बहुत सुन्दर प्रस्तुति
shandar,jandar
वाह ………तभी तो सांवरे सलोने है हमरे कान्हा।
अच्छी गजल है, बधाई ।
♥ प्रिय बंधुवर अमि'अज़ीम'अमितेष जी सस्नेहाभिवादन !आज पहली बार आपका ख़ूबसूरत ब्लॉग देखा … बहुत अच्छा लगा …प्यारी रचना है- अपनी छत पर तारों से बतियाते हैं हमरे संग न डोले हैं हमरे कान्हा अभी आपकी पिछली पोस्ट्स भी पढ़ूंगा … :) बधाई और मंगलकामनाओं सहित… - राजेन्द्र स्वर्णकार
.समय निकाल कर मेरे ब्लॉग्स पर भी पधारिएगा …लिंक हैं शस्वरंshabdswarrang.blogspot.comओळ्यूं मरुधर देश री…rajasthaniraj.blogspot.com
hamesha hi to aisa hi karte hainjane kyon karte hai hamre kaanha...behad khoobsoorat bhaav liye hue hai aapki rachna
बहुत खूब... वाह
ReplyDeleteप्रेम की अभिव्यक्त्ति इससे सुन्दर हो नहीं सकती..
ReplyDeleteबहुत खूब अमितेष भाई
बहुत सुन्दर प्रस्तुति
ReplyDeleteshandar,jandar
ReplyDeleteवाह ………तभी तो सांवरे सलोने है हमरे कान्हा।
ReplyDeleteअच्छी गजल है, बधाई ।
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ReplyDelete♥
प्रिय बंधुवर अमि'अज़ीम'अमितेष जी
सस्नेहाभिवादन !
आज पहली बार आपका ख़ूबसूरत ब्लॉग देखा … बहुत अच्छा लगा …प्यारी रचना है-
अपनी छत पर तारों से बतियाते हैं
हमरे संग न डोले हैं हमरे कान्हा
अभी आपकी पिछली पोस्ट्स भी पढ़ूंगा … :)
बधाई और मंगलकामनाओं सहित…
- राजेन्द्र स्वर्णकार
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ReplyDeleteसमय निकाल कर मेरे ब्लॉग्स पर भी पधारिएगा …
लिंक हैं
शस्वरं
shabdswarrang.blogspot.com
ओळ्यूं मरुधर देश री…
rajasthaniraj.blogspot.com
hamesha hi to aisa hi karte hain
ReplyDeletejane kyon karte hai hamre kaanha...
behad khoobsoorat bhaav liye hue hai aapki rachna